अगर आपको एमएलएम उद्योग मे आगे तक बढ़ना है तो अपने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और ठगो से हमेशा सर्तक रहें क्योंकी यह ठग लोगो को भ्रमित करने के अलग-अलग कहांनिया गढ़ते है। इसके साथ ही आपको अपना मुकाम स्वंय ही तय करना चाहिए कि आपको भी भीड़ का हिस्सा बनना है या फिर कुछ अलग ही राह पर सफर तय करना है। अपना निर्धारित लक्ष्य बनाऐं : कि जल्दी से पैसा कमाने के लिए एक दिन मे कितना काम करना पड़ेगा ,आज अगर 10 प्रतिशत किया है तो कल अपना टारगेट ओर बढ़ाकर रखो की आज 20 प्रतिशत करना है। ऐसा करने आप स्वंय भली-भांती जान जाओगे कि इसमे पैसा कमाना कितना आसान है बस अपना लक्ष्य होना चाहिए। ग्राहको का मनोबल बढ़ाना : यह आपका सबसे बड़ा कर्तव्य है क्योंकी जब तक आप ग्राहक को अपनी बातो से संतुष्ट नही कर पाओगे तब तक कोई ग्राहक आपके व्यापार मे पैसा नही लगाऐगा। MLM मे सफलता और विकास के लिए तय रणनिती का होना बहुत जरुरी है : ज्योंकी जब तक आपको यह नही मालुम पड़ेगा कि आपको आगे करना क्या है इसी के साथ ही सटीक मेट्रिक्स बनाऐं तो प्रारंभिक मे सफलताओं का लाभ उठाने और एमएलएम के व्यापार मे सही तरीके से बढ़ने में मदद आवश्य ही मदद मिलेगी। ग्राहको का मन बदलना : अगर आपको सफलता से MLM व्यापार करना है तो आपको यह भी आना बेहत जरुरी है। आप के अंदर वो कला होनी चाहिए जिससे ग्राहक न तो कर ही न सके वो आपकी बातो मे खो जाऐं और आपकी ओर खिंचा चला आऐं। MLM मे अपने पैसे लगाने से पहले पूरी तरह इस बात की पूष्टी कर लें कि जिस व्यक्ति के भरोसे आप अपने पैसे इंवेस्ट कर रहे है ओर भी कई जानकारी है जो आपको होना बेहत जरुरी है।
 
भारत मे इस समय लगभग 10000 से भी ज्यादा काम कर रही है। जिसमे कि जानी मानी 10 कंपनियो का नाम सबसे आगे है, जिसने अपनी साफ छवि के कारण Multi Level Marketing मे अपना एक अलग ही स्थान कायम किया है। जो कि लोकप्रियता मे भी सबसे आगे है।
 
जब इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादा प्रचलित नही था। तो सीधे तौर पर शाॅप टू शाॅप यानि की सामान लेने के लिए एक दुकान से दुसरी दुकान पर घुमना पड़ता था। जिसके लिए ग्राहको को दुकानदार द्वारा तय की गई वस्तु का मुल्य ही चुकाना पडता था। जिस पर दुकानदार अपनी दुकान का किराया, अपने सेल्समेन की तनख्वाह आदि का भार भी ग्राहको पर पडता था। लेकिन इतना सब के बावजूद भी ग्राहक ने जो वस्तु खरीदने के लिए उने का दुना रकम चुकाता है, उसके बावजूद भी ग्राहको को उसके सामान की गुंणवत्ता का कोई गारंटी नही होती है। इसके अलावा एक तथ्य और सामने आया है। वो ये है कि जब कंपनी या फैक्ट्री से माल ग्राहको तक प्रचार प्रसार से होकर ट्रांसपोर्ट से होकर विक्रेता के माध्यम से ग्राहको तक पहुंचता है। निकलता हैं। जिसमे कि बिचैलियो की भी कमीशन ग्राहको को चुकानी पडती है। इसके अतिरिक्त कंपनी द्वारा किए गए प्रोडक्ट के प्रचार प्रसार का खर्च भी ग्राहको की जेब पर पडता है।
 
नेटवर्क मार्केटिंग या फिर यूं कहें कि मल्टी लेवल मार्केटिंग का व्यापार जब से बाज़ार मे आया है तब से नेटवर्क मार्केटिंग से लोगो को काफी सहुलियत मिल गई हैं। पुरानी यानि की ट्रेडिशनल मार्केटिंग मे ग्राहको तक सामान बिचैलियो के माध्यम से बैचा जाता था। लेकिन मल्टी लेवल मार्केटिंग मे बिना किसी बिचैलिए के ग्राहको पहुंचाया जाता है। जिसके चलते मल्टी लेवल मार्केटिंग से मिलने वाला प्रोडक्ट बाज़ार भाव से काम भाव मे ग्राहको को पड़ता है। वो इसलिए कि कंपनी चाहे अपने प्रोडक्ट के प्रचार प्रसार मे जितना भी खर्च करें, उसकी भरपाई ग्राहको को नही करनी पडती है।